Fazilka Online News
News 24x7 Live

पंजाबी नाटक ‘कथा-ए-पानी’ परवाज आर्टस की बेहतरी प्रस्तुति 

संदेश: यूं खर्च करते रहे पानी तो पांच दशकों बाद खतरे में पड़ जायेगी इंसानियत 
फाजिल्का, 13 नवंबर (सरहद केसरी ब्यूरो): जिस तरह से इंसान पृथ्वी पर पानी का दुरुपयोग कर रहा है, उसके चलते आगामी चार से पांच दशक में धरती से पीने योग्य पानी खत्म हो गया तो क्या होगा। जाहिर सी बात है कि इंसानी सभ्यता ही समाप्त हो जाएगी। पानी के बिना समाप्त हो रही दुनिया में इंसानों की बदहाली की भविष्य में झांककर झलक दिखाते पंजाबी नाटक कथा-ए-पानी का प्रभावी मंचन रविवार देर शाम को फाजिल्का में किया गया। नेशनल इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन की ओर से नाटय संस्था परवाज आटर्स, हरिओम मार्निंग क्लब और सर्वधर्म योग साधना केंद के सहयोग से करवाए इस नाटक में जालंधर से आए एक्ट-आन थ्येटर ग्रुप के युवा कलाकारों ने सैकड़ों दर्शकों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से सिहरन पैदा कर दी।
करीब 55 मिनट के इस नाटक का निर्देशन मंझे हुए डायरेक्टर सुनील जोशी और एसोसिएशन डायरेक्टर अनमोल कपूर ने किया। नाटक के लेखक जगदेव ढिल्लों हैं। नाटक एक ऐसे परिवार की कहानी है जो पानी के बिना खत्म होती जा रही दुनिया में पानी के लिए दर दर ठोकरें खा रहा है। पानी की तलाश में जहां वह पानी के अभाव में मर रहे इंसानों को नोच नोचकर खा रही चीलों से बचता फिर रहा है वहीं उस परिवार की मुलाकात एक ऐसे इंसान से होती है जो पानी खत्म होने के चलते इंसानों का खून पी पीकर जिंदा है। नरभक्षी जहां अपने हिंसक अंदाज के चलते लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा वहीं वह इंसान से नरभक्षी होने के पीछे लोगों द्वारा धरती पर मौजूद पानी की कद्र न करने की कहानी बयां करने के चलते एक प्रभावी संदेश देने में सफल रहा। नाटक के अन्य कलाकारों में सलोनी अरोड़ा, हरिवंश उप्पल, आकाश भागरिया, कृष चोपड़ा, किरणप्रीत कौर, हरतरमन सिंह, इशान कक्कड़, आशीष नारंग, पर्ल काकडय़िा व मनुज महेंद्रू ने भी अपने रोल के साथ पूरा न्याय किया। नीमा के सभी पदाधिकारियों ने अध्यक्ष डा. कपिल ठक्कर के नेतृत्व में भगवान धनवंतरि पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरूआत करवाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएसएफ के कमांडेंट एमपी सिंह, विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र ठकराल हैप्पी, समाजसेवी सुरेंद्र आहूजा, डा. रोशन लाल ठक्कर, प्रैस क्लब अध्यक्ष दविंदर पाल सिंह, प्रिंसिपल डा. अनीता अरोड़ा, सर्बजीत सिंह ढिल्लो, प्रिंसिपल वीके मित्तल, लीलाधर शर्मा, प्रिंसिपल रीतू भूसरी, एडवोकेट संजीव मार्शल व डा. विजय प्रवीण थे। उन्होंने नाटक की पटकथा और कलाकारों की अदाकारी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। नीमा की ओर से सभी मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में नीमा के प्रोजेक्ट चेयरमैन डा. वरिंदर जुनेजा, डा. विद्या भूषण मदान, डा. गुरसेवक सिंह, डा. विंकल नागपाल, डा. अजय ग्रोवर, डा. जयंती ग्रोवर, डा. अंकुश झांब, डा. अशोक शर्मा, डा. छवि ठक्कर, डा. मधु कंबोज, डा. रवि गगनेजा, डा. शाम लाल ठक्कर, परवाज आटर्स के नरेश कामरा, सुनील कक्कड़, नितिन कटारिया, प्रिंसिपल राजेंद्र विखोना, प्रदीप छाबड़ा, पुरुषोत्तम सेठी, शशिकांत, नरेश मित्तल, सुनील सेठी, परविंदर सिंह पित्ता, जुगनू, हेमंत मनचंदा, संजय वर्मा, राजन लूना, जगदीप सिंह पदम , मनोज नारंग के अलावा हरीओम मार्निंग क्लब से सुखीजा, सर्वधर्म योग साधना केंद्र के सुरेंद्र मूलड़ी, हरबंस कटारिया व अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।

Source Sarhad Kesri
Via Fazilka Online News

Leave A Reply

Your email address will not be published.