Fazilka Online News
News 24x7 Live

आर्थिक तंगी के चलते महिला ने बच्ची को गाडी में लावारिस छोड़ा

चार मैंबरी कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही बच्ची के भविष्य का लिया जायेगा फैसल: एसडीएम पूनम 
बाल सुरक्षा अधिकारी रितू रानी की निगरानी में मानव सेवा समिति कर रही है बच्ची की देखभाल 
अबोहर (दीपक मेहता)। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशों पर जहां बच्चियों की सुरक्षा के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चलाकर लोगों को बेटियों का बढिया पालन पोषण कर उन्हें बढिया शिक्षा दिलवाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं गत रात्रि एक महिला अपनी करीब डेढ वर्षीय बच्ची को असमर्थता के चलते रेलगाडी में लावारिस हालत में छोड़ गई। जीआरपी पुलिस ने उक्त बच्ची को बाला जी मानव सेवा समिति व प्रशासनिक अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार प्रेम नगर निवासी एक महिला गत रात्रि अपने चार बच्चों में से एक सबसे छोटी डेढ वर्षीय बच्ची को रेलवे स्टेशन पर रेलगाडी में लावारिस छोडक़र खुद बच्चों संग बठिंडा चली गई। बच्ची को गाडी में रोता बिलख्ता देख यात्रियों ने इसकी सूचना जीआरपी पुलिस को दी, जिन्होंने बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर इसकी सूचना बाला जी मानव सेवा समिति सदस्यों को दी, जिन्होंनें बच्ची के परिजनों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए और बच्ची को गौशाला रोड स्थित डा. फुटेला के अस्पताल में दाखिल करवा दिया और पूरी रात उसकी देखभाल की। आज सुबह जब उक्त महिला बठिंडा से वापिस आई तो रेलवे स्टेशन पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने शक के आधार पर उक्त महिला को पूछा कि कल तुम अपनी बच्ची को यहां क्यों छोड गई तो उसने बताया कि यह बच्ची उसी की है लेकिन वह उसको पालने में असमर्थ है, इसलिए वह उसको यहां छोड गई थी जिस पर जीआरपी कर्मचारियों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। जिस पर एसडीएम पूनम सिंह अस्पताल में पहुंची और उक्त महिला से पूछताछ की और इस बात की सूचना बाल सुरक्षा अधिकारी रितु रानी व रणवीर कौर को दी, जिस पर वे भी अस्पताल में पहुंच गई। बच्ची की मां ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि उसकी एक बेटी उसकी दादी के पास है, एक बेटा मौसी के पास रहता है, दूसरा बेटा व यह छोटी के साथ वो किराए के मकान में रहते हैं। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण ही उसने इस बच्ची को लावारिस छोडा है। महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों से उसकी छोटी बच्ची को गोद देने की बात कही तो कानूनी प्रक्रिया के चलते एक बार एसडीएम ने इसके लिए चार मैंबरी कमेटी गठित कर दी। जिसमें एसडीएम, डीएसपी, एसएमओ व तहसीलदार शामिल हैं। एक बार बच्ची प्रशासन की देखरेख में रहेगी, उसके बाद कमेटी की रिपोर्ट जिला उपायुक्त भेजी जाएगी, उनके आदेशों पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Source Sarhad Kesri
Via Fazilka Online News

Leave A Reply

Your email address will not be published.