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वर्ष 2017 में विशेष डाक्टरों को तरसता रहा अबोहर का सिविल अस्पताल

एसएमओ डा. ओम प्रकाश ने वर्ष 2017 में सिविल अस्पताल की बताई उपलब्धियां

अबोहर पिछले लंबे अर्से से डाक्टरों की कमी से जूझ रहा 110 बैडों वाला अबोहर का सरकारी अस्पताल में जहां लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलबध करवा रहा है वहीं अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी होने के चलते गंभीर केसों को बाहरी शहरों में रैफर किया जा रहा है। हालांकि इस अस्पताल को बेहतर सेवाओं के लिए वर्ष 2016 में डा. लाल चंद के नेतृत्व में अवार्ड भी मिल चुका है।
इस बारे में जानकारी देते हुए सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. ओम प्रकाश ने बताया कि 1 दिसंबर से 1 जनवरी तक अस्पताल में एकमात्र गायनी डाक्टर द्वारा 338 प्रसव केस किए गए हैं, जिनमें 41 सिजेरियन शामिल हैं। इसके अलावा 11000 मरीजों की ओपीडी हुई है। ऐमरजेंसी में 787 मरीजों का ईलाज किया गया है, जिनमें से मात्र 72 मरीजों को अधिक गंभीर होने के कारण रैफर किया गया है। सरकारी अस्पताल में 600 एक्सरे व 600 अल्ट्रासाऊंड किए गए हैं। पूरे पंजाब भर में डायलसिस के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में डा. युधिष्टर चौधरी के नेतृत्व में 71 लोगों का डायलसिस किया जा रहा है। उनहोंने बताया कि इस अस्पताल में 22 डाक्टरों का होना जरूरी लेकिन पिछले कई वर्षों पर मात्र 11 डाक्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें से 3 डैपूटेशन पर कार्य कर रहे हैं। हालांकि कई बार सिविल अधिकारी व जिला सिविल सर्जन सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग से यहां पर डाक्टरों की संख्या की संख्या बढाने की मांग कर चुके हैं लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि अस्पताल में रंगीन एक्सरे व अल्ट्रासाऊंड मशीन न होने के कारण मरीजों को अस्पताल के बाहर अधिक शुल्क अदा कर एक्सरे व अल्ट्रासाऊंड करवाने पड़ रहे हैं।

कई विशेषज्ञों के पद खाली
सरकारी अस्पताल में पिछले काफी समय से चर्म रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, ईएनटी विशेषज्ञ डाक्टरों की पोस्टें खाली पड़ी है। जिस कारण हर रोज अस्पताल में आने वाले सैंकडों को बैरंग लौटना पड़ रहा है और उनको निजी अस्पतालों में खर्चीला उपचार करवाने को मजबूर होना पड़ता है।

Source Sarhad kesri
Via Fazilka online

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