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डीसी, एसएसपी व व्यापार मंडल से गुजारिश

डीसी, एसएसपी व व्यापार मंडल से गुजारिश 
गुप्त रूप से बाजारों का करें भ्रमण
साइकिल बाजार में फंसते हैं वाहन, घंटाघर के आसपास पार्किंग, सडक़ों पर खुला कपड़ा बाजार 
पुलिस व व्यापार मंडल आम शहरियों को किस बात की दे रहा है सजा? 
फाजिल्का (सरहद केसरी ब्यूरो): नगर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिये कुछ माह पहले जिला पुलिस प्रमुख डा केतन बलिराम पाटिल द्वारा ओड इवन फार्मूला लागू किया गया था। यह फार्मूला व्यापार मंडल को पास नहीं हुआ था। दोनों पक्ष अड़ गये। व्यापार मंडल ने एकजुट होकर हड़ताल की। विवाद को समेटने के लिये सुलह कमेटी भी बन गई। व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि दुकानदार अपनी हद में रहेंगे। दुकानों के बाहर सामान नहीं निकालेंगे। पुलिस प्रशासन को वक्त की नजाकत को समझते हुये बात माननी पड़ी। दुकानें खुल गई। कुछ दिन ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार रहा। दुकानदार डींगें मारते नजर आये। शहर के भीड़ भरे चौकों से पुलिस मुलाजिम गायब हो गये और शहर के दुकानदारों की मनमानी, वाहन चालकों की बेतरतीब वाहन खड़े करने की होड़ शुरू हो गई और ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल हो गई। आज हालात यह है कि प्रश्न ईगो का खड़ा हो गया है। पुलिस अधिकारी यह सोच रहे हैं कि उन्होंने क्या लेना देना है। कुछ करते हैं तो व्यापार मंडल विरोध में खड़ा हो जाता है। दूसरी ओर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी शायद यह सोच रहे हैं कि जैसे चलता है चलने दो। जबकि आम लोग परेशान होकर रह गये हैं। प्रति दिन साइकिल बाजार चौंक में आधा आधा घंटे तक वाहन एक दूसरे में फंसे रहते हैं। पैदल चलने वालों तक का गुजरना मुश्किल है। कभी कार फ्री जोन से पूरे देश व विदेश में चर्चित रहा चौंक घंटाघर पुलिस व व्यापार मंडल की ईगो का शिकार होकर बदहाल अवस्था में पहुंच चुका है। चौंक पर सडक़ के बीचोबीच रेहडिय़ां खड़ी है। दुकानदार अपनी दुकानों से दस से बारह फुट आगे पहुंच चुके हैं। ऊन बाजार को जाती सडक़ पर दुकानों के आगे सात सात फुट तक कंबल व अन्य सामान रखे हुये हैं। उस के आगे ग्राहकों के वाहन खड़े होते हैं। सराफां बाजार की हालात भी कोई बेहतर नहीं है। बंद इलाके की ओर से गुजरने के लिये पांच फुट की जगह नहीं है। आखिर पुलिस अधिकारी व व्यापार मंडल आम शहर वासियों को किस बात की सजा दे रहा है? ऐसा लगता है कि शहर में जंगल राज कायम हो गया है। शहर वासियों की गुजारिश है कि पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में अपनी जिम्मेवारी समझें और व्यापार मंडल दुकानदारों को आदेश करें कि सामान दुकानों के भीतर रखें, रेहडिय़ां ढंग से खड़ी करें और शहर को अपना समझें। जिला उपायुक्त से अपील है कि वह बिना किसी को बताये गुप्त रूप से पैदल इन बाजारों का दौरा करें ताकि शहर वासियों की समस्या उनकी समझ में आ सके।

Source Sarhad Kesri
Via Fazilka Online News

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